Saturday, May 21, 2022
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मेडिटेरेनियन सागर में बढ़ा तनाव, ग्रीस ने कहा ‘सैन्य दबाव में तुर्की से संवाद संभव नही’

मेडिटेरेनियन सागर में मौजूद ऊर्जा के संसाधनों पर कब्जे के जद्दोजहद में ग्रीस-तुर्की में भारी सैन्य तनाव से यूरोप की शांतिभंग होने का खतरा मंडराने लगा है।

मेडिटेरेनियन क्षेत्र में लगातार युद्ध के बादल घिरते जा रहे है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं ने एक बार फिर से यूरोप में जंगी हालात पैदा कर दिए है। यूरोप के दो देशों और नाटो संगठन के सदस्य ग्रीस और तुर्की में जारी तनाव अब और भी बढ़ गया है। तुर्की के भारी सैन्य बलों की तैनाती से नाराज ग्रीस ने तुर्की को साफ कर दिया है कि सैनिक दबाव में ग्रीस किसी भी वार्ता का हिस्सा नही बनेगा।

Grece and Turkey
ग्रीस और तुर्की में जारी तनाव (Demo Image)

गौरतलब है कि मेडिटेरेनियन सागर और काला सागर में मौजूद ऊर्जा के संसाधनों पर अधिकार को लेकर ग्रीस और तुर्की में तनाव उस समय और बढ़ गया जब तुर्की ने अपना एक सर्वेक्षण जहाज को 2 नौसैनिक जहाजों के साथ मेडिटेरेनियन सागर में खनिजो का पता लगाने के लिए भेजा था। ग्रीस ने तुर्की के इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए अपनी नौसेना को भी तैनात किया है।
पिछले दिनों दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों में टक्कर भी हुई थी। जिसमे तुर्की का एक जहाज क्षतिग्रस्त हो गया था।

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तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान लगातार ग्रीस को मेडिटेरेनियन सागर और काले सागर से दूर रहने की चेतावनी दे रहे हैं तथा ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की भी चेतावनी दी है। इसी क्रम में ग्रीस की सरकार ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी सैनिक दबाव में न तो पीछे हटेंगे और न ही किसी वार्ता में भाग लेंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तुर्की ने अपने सर्वेक्षण शिप की तैनाती को और बढ़ाने का फ़ैसला किया है। माना जा रहा है इससे इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा। बता दें कि इस मेडिटेरेनियन सागर क्षेत्र में तुर्की को बहुत बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस और तेल का भंडार मिला है। बताया जाता है ये भंडार ग्रीस के सभी ऊर्जा स्रोतों के बराबर है। ग्रीस भी इस सागर से साथ का देश है और उसका कहना है कि तुर्की उसके हिस्से के संसाधनों पर जबर्दस्ती कब्जा करना चाहता है।

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